Birthday Wishes


कान्ता वादवा

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सत चित आनन्द स्वरूप ऊषा जी हम तो उनको कुछ साले से जानते है
लेकिन लगता जैसा है कि हम सालो से जानते है
उनका स्वभाव ही इतना मिलनसार है जो कि परायो की अपना कर लेते है
ऊषा जी इतनी सुन्दर औरत है जब ओ सही तरी के से तैयार होती है तो भी चुनरी
में कोइ मिलावट नही देखी उनका स्वभाव छोटे बडे के साथ एक ही जेसा सरल है
वो चाहे पार्टी मे जाये या सतसंग मे जाये हमेशा सही तरी के से ही कपडा पहनते है
उनके सारे अच्छे गुण से जो हम को सीखने की मिलती है ओ अपने ज्ञान से भी हम को
बहुत कुछ सिखाती है वो हमेशा मुस्कुराने वाली और दूसरो का देखभाल करने वाली महीला है

कान्ता वादवा

कुमकुम बगडिया

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“ॐ”

’उषा मासी“ है मॉँ जैसी
आचंल में दुध ऑँखो में पानी

कुमकुम बगडिया

सुषमा कपूर

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प्यारे उषा जी को उन के 75
जन्म दिन की बहुत मुबारिक हो। ,
उषा जी के बारे में कुछ
लिखना जैसे सूर्य को दिपक दिखाना
है। फिर भी उन्हे देख कर जो
विचार मन में आते है, मैं उन्हे
शब्दें की माला मे पिरोकर बताना
चाहती हुँ।
वे सादगी, सुन्दरता और नम्रता
की मूती हैं, बहुत भावक और
समुद्र की तरह उन की गहरी सोच
है। साथी बहनें के लिये एक
आर्दश दोस्त हैं। उन के ऊ@ँचे
विचार और जीवन हम सब के
लिये एक उधारण है। उन का
75th जन्म दिन इसी तरह हॅँसी
खुशी के साथ एक शतक मनाये
वे हम सब का मार्ग दर्शन इसी
तरह अपनी उदारता से करती रहें
भगवान इन के उपर तरदरुस्ती
और शक्ति की वर्षा करता रहे
ये प्रेम पुष्प मैं इन्हे अर्पित
करती हूं।

सुषमा कपूर.

रजनी सिंहानिया

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प्यारे उषा जी भले ही उम्र मे मां समान पर बहुत ही प्यारी सी दोस्त जिन से ढेर सारा प्यार और दुलार मिलता है तो कभी मॉँ जैसी फटकार भी मिलती है! उनके पास अनुभव का वो खजाना है ढेर सारी किताबो का निचोड निकाल कर भी न मिले! उनकी dressing sense and the way she carries everything makes her plesence very special हमेशा मुस्कुराता चेहरा
I feel she is not following any trend, trend is walking after her. And many ganerations will follow her. Though it is her 75 th birthday but she still has the enthusiasm of a very young person.
चाहे खाने के लिए बाहर जाना हो या किचन मे जाकर बनाना हो, हमेशा तैयार ! उनकी म्प्दग्म हर चीज के लिए ऊप्ं ँSिंऊ क्या कहूँ जो हमेशा है, सबके लिए। भगवान से ही यही प्रार्थना करॅँगी कि हमे जादा से ज्यादा उनका सन्निघ्य मिले। बस जो कुछ मेरे दिल मे था, एकदम से इन शब्दें का रुप लेकर बाहर आ गया।

रजनी सिंहानिया