Pushpa Chachiji




संकट के समय धीरज रखना तथा बच्चों का सहारा
बनना मैने जब भाईजी को लेकर अमेरिका गये थे तब
भाभीजी से सीखा। उस परिस्थिती में भी वे हमें हमेशा
सातवना देती रहती थीं। पिछले साल जिस कठिन परिस्थिति
से मैं और मेरा परिवार गुजरा उस समय उन्हों क्षणों
को याद करके मैं अपने को तथा अपने बच्चें को
सभालने में समर्थ हो सकी और बच्चों को जीवन में
आगे बढते रहने के लिए प्रोत्साहित कर सकी।

 

Comments


There are no comments

Click here to Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>


Leave a Comment using Facebook